AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key – Part 4
परीक्षा तिथि: 12 अक्टूबर 2026 | हिंदी (विषय-वस्तु) – भाग 1 – प्रश्न 91–114
आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा आयुक्तालय द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित AP Special TET 2026 की पेपर IIA (भाषा – हिंदी) परीक्षा 12-10-2026 को हुई। इस पोस्ट में प्रारंभिक उत्तर-कुंजी (Initial Key) के आधार पर हिंदी (विषय-वस्तु) – भाग 1 के प्रश्न 91 से 114 संक्षिप्त व्याख्या सहित दिए गए हैं। पहले स्वयं उत्तर सोचिए, फिर "उत्तर और व्याख्या देखें" पर टैप कीजिए।
ध्यान दें: यह प्रारंभिक कुंजी पर आधारित अभ्यास सामग्री है। अंतिम निर्णय के लिए आधिकारिक वेबसाइट (tet2dsc.apcfss.in) पर जारी उत्तर-कुंजी से मिलान अवश्य कीजिए।
AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key:
| Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6
प्रश्न पर जाएँ: 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114
हिंदी (विषय-वस्तु) – भाग 1 – प्रश्न 91–114
प्रश्न 91
बौद्धों का लिखा हुआ साहित्य अधिकतर इस भाषा में मिला है।
- पालि
- अपभ्रंश
- हिन्दी
- संस्कृत
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) पालि
व्याख्या: बौद्ध धर्म का प्रमुख साहित्य (त्रिपिटक आदि) अधिकतर पालि भाषा में मिलता है।
प्रश्न 92
डॉ. नगेंद्र जी का “हिन्दी साहित्य का इतिहास” के अनुसार 7 वीं सदी के मध्य से 14 वीं सदी के मध्य तक का काल है -
- रीतिकाल
- संधिकाल
- आधुनिक काल
- आदिकाल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) आदिकाल
व्याख्या: डॉ. नगेंद्र के अनुसार हिन्दी साहित्य का आदिकाल सातवीं सदी के मध्य से चौदहवीं सदी के मध्य तक माना गया है।
प्रश्न 93
ठाकुर शिवसिंह ने अपने इस काव्य में हिन्दी के सबसे अधिक कवियों का परिचय प्रथम बार अकारादि क्रम में दिया -
- राम की शक्तिपूजा
- शिवसिंह सरोज
- शिव मंगल
- भक्त माल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) शिवसिंह सरोज
व्याख्या: ठाकुर शिवसिंह सेंगर ने 'शिवसिंह सरोज' में लगभग हजार कवियों का परिचय अकारादि क्रम में दिया।
प्रश्न 94
वीरगाथा काल के इन ग्रन्थों के नामों का संबंध “रसायन” व “रहस्य” से भी बतलाया गया है।
- वीरा
- रसाल
- रासो
- रसरी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) रासो
व्याख्या: आदिकाल के ग्रंथ 'रासो' कहलाते हैं (जैसे पृथ्वीराज रासो); 'रासो' का संबंध 'रसायन' और 'रहस्य' से भी बताया गया है।
प्रश्न 95
निम्न में से प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं -
- कबीरदास
- जायसी
- तुलसीदास
- सूरदास
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) जायसी
व्याख्या: मलिक मुहम्मद जायसी (पद्मावत) प्रेमाश्रयी (सूफी) शाखा के प्रमुख कवि हैं।
प्रश्न 96
ज्ञानाश्रयी मार्ग के इस प्रमुख कवि के अनुसार गुरु गोविन्द से भी बड़े हैं -
- कबीरदास
- तुलसीदास
- नरहरिदास
- दिवोदास
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) कबीरदास
व्याख्या: कबीरदास ने गुरु को गोविन्द (ईश्वर) से भी बड़ा माना है: “गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय...”
प्रश्न 97
मध्यकालीन हिन्दी काव्य काल के वर्गों में “उत्तर मध्यकाल” को इस नाम से जानते हैं -
- भक्ति काल
- रीति काल
- वैदिक काल
- संधि काल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) रीति काल
व्याख्या: मध्यकाल का पूर्व भाग भक्तिकाल और उत्तर भाग रीतिकाल कहलाता है।
प्रश्न 98
भूषण और मतिराम के भाई, रीति काल के इस प्रसिद्ध कवि ने “कविकुल कल्पतरु” ग्रन्थ लिखा था -
- मतिराम
- यशवंत सिंह
- बिहारी लाल
- चिन्तामणि त्रिपाठी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) चिन्तामणि त्रिपाठी
व्याख्या: चिन्तामणि त्रिपाठी (भूषण और मतिराम के भाई) रीतिकाल के कवि हैं; उन्होंने 'कविकुल कल्पतरु' ग्रंथ लिखा।
प्रश्न 99
“बैताल पच्चीसी”, “सिंहासन बत्तीसी”, “माधव विलास” और “सभा विलास” आदि ग्रन्थों के लेखक ये हैं-
- सदल मिश्र
- लल्लू जी लाल
- इंशा अल्ला खां
- सदा सुखलाल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) लल्लू जी लाल
व्याख्या: ये ग्रंथ लल्लू जी लाल (फोर्ट विलियम कॉलेज से जुड़े गद्य लेखक) की रचनाएँ बताई जाती हैं।
प्रश्न 100
“अंधेर नगरी” नाटक इनके द्वारा लिखे गये 14 प्रमुख नाटकों में से एक प्रहसन है -
- भारतेंदु हरिश्चंद्र
- जयशंकर प्रसाद
- प्रेमचंद
- सोहनलाल द्विवेदी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) भारतेंदु हरिश्चंद्र
व्याख्या: 'अंधेर नगरी' भारतेंदु हरिश्चंद्र का प्रसिद्ध प्रहसन है।
प्रश्न 101
छायावाद कवि जयशंकर प्रसाद की इस महाकाव्य में मनु और श्रद्धा की कहानी है -
- आँसू
- सीता वनवास
- श्रद्धांजली
- कामायनी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) कामायनी
व्याख्या: जयशंकर प्रसाद के महाकाव्य 'कामायनी' में मनु और श्रद्धा की कथा है।
प्रश्न 102
परिमल की इस कविता को हिन्दी की रहस्यवादी परंपरा में विशेष स्थान है।
- ये और वे
- तुम और मैं
- आप और हम
- यह और वह
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) तुम और मैं
व्याख्या: निराला के संग्रह 'परिमल' की कविता 'तुम और मैं' को रहस्यवादी परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है।
प्रश्न 103
प्रयोगवादी कवियों में “नकेन” नाम से प्रसिद्ध तीनों कवि हैं -
- नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार माथुर और नरेश मेहता
- नरपति नाल्ह, केशवदत्त और नलिनी प्रसाद
- भारतेंदु, दादू दयाल और नामदेव
- नरसिंह राय, केदार शर्मा और नगेन्द्र
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार माथुर और नरेश मेहता
व्याख्या: 'नकेन' नाम नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार और नरेश (मेहता) के नामों के प्रथम अक्षरों से बना है।
प्रश्न 104
हालावादी कवि अपने को ऐसे कहना पसंद करते हैं, जिसका अर्थ है “मजहब को न मानने वाले”।
- रिंद
- पियक्कड़
- शरीयत
- मंद
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) रिंद
व्याख्या: हालावादी कवि स्वयं को 'रिंद' (मज़हब की परवाह न करने वाला, मस्त) कहते हैं।
प्रश्न 105
रामधारी सिंह दिनकर को इस कृति पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला -
- कुरुक्षेत्र
- उर्वशी
- रश्मिरथी
- दिल्ली
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) उर्वशी
व्याख्या: दिनकर को 'उर्वशी' (1972) पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला।
प्रश्न 106
“ताई” कहानी के लेखक पहचानिए।
- प्रेमचंद
- मैथिलीशरण गुप्त
- विश्वंभरनाथ शर्मा
- सुदर्शन
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) विश्वंभरनाथ शर्मा
व्याख्या: 'ताई' कहानी विश्वंभरनाथ शर्मा 'कौशिक' की रचना है।
प्रश्न 107
“चन्द्रकान्ता”, “चन्द्रकान्ता की संतति” उपन्यास के लेखक हैं -
- लाला श्रीनिवास
- धनपतिराय श्रीवास्तव
- देवकीनंदन खत्री
- भारतेंदु हरिश्चन्द्र
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) देवकीनंदन खत्री
व्याख्या: तिलस्मी-ऐयारी उपन्यास 'चन्द्रकान्ता' और 'चन्द्रकान्ता संतति' के लेखक देवकीनंदन खत्री हैं।
प्रश्न 108
जयशंकर प्रसादजी का यह नाटक अभिनय की दृष्टि से सर्वाधिक सफल है -
- अजातशत्रु
- ध्रुवस्वामिनी
- चन्द्रगुप्त
- स्कंदगुप्त
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) ध्रुवस्वामिनी
व्याख्या: अभिनेयता की दृष्टि से प्रसाद का 'ध्रुवस्वामिनी' सबसे सफल नाटक माना जाता है।
प्रश्न 109
मारवाड़ी, जयपुरी, मेवाती और मालवी बोलियाँ इस उपभाषा के अंतर्गत आती हैं -
- कश्मीरी
- राजस्थानी
- पहाड़ी
- बिहारी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) राजस्थानी
व्याख्या: मारवाड़ी, जयपुरी (ढूँढाड़ी), मेवाती और मालवी राजस्थानी उपभाषा की बोलियाँ हैं।
प्रश्न 110
हिन्दी का प्रमुख दुखांत नाटक कौन-सा है?
- तप्ता संवरण
- भारत दुर्दशा
- सती प्रताप
- करुणाभरण
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) भारत दुर्दशा
व्याख्या: भारतेंदु हरिश्चंद्र का 'भारत दुर्दशा' हिन्दी का प्रमुख दुखांत नाटक माना गया है।
प्रश्न 111
‘सरिता’ शब्द का पर्यायवाची शब्द क्या है?
- नदी
- समुद्र
- धरती
- वनिता
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) नदी
व्याख्या: सरिता = नदी, तटिनी, सरित, प्रवाहिनी।
प्रश्न 112
लकड़हारा ईमानदार था। (रेखांकित शब्द का सही विलोम शब्द प्रयुक्त वाक्य पहचानिए।)
- लकड़हारी ईमानदार थी।
- लकड़हारा अईमानदार था।
- लकड़हारी बेईमानदारी थी।
- लकड़हारा बेईमान था।
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) लकड़हारा बेईमान था।
व्याख्या: 'ईमानदार' का विलोम 'बेईमान' है, और वाक्य में लिंग-वचन वही रहना चाहिए: 'लकड़हारा बेईमान था।'
प्रश्न 113
बादल को देखते ही मोर खुशी से नाच उठता है। (रेखांकित शब्द का तत्सम रूप क्या है?)
- मोरा
- मोरनी
- मयूर
- मोती
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) मयूर
व्याख्या: 'मोर' (तद्भव) का तत्सम रूप 'मयूर' है।
प्रश्न 114
निम्न शब्दों में से स्त्री लिंग शब्दों को पहचानिए।
- गगन, श्रावण
- सभा, मंडली
- स्वर्ग, सागर
- ज्ञापक, संघ
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) सभा, मंडली
व्याख्या: 'सभा' और 'मंडली' दोनों स्त्रीलिंग शब्द हैं; शेष विकल्पों में पुल्लिंग शब्द हैं।
उत्तर-कुंजी (Answer Key 91–114)
| प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर |
|---|---|---|---|---|---|
| 91 | (1) | 99 | (2) | 107 | (3) |
| 92 | (4) | 100 | (1) | 108 | (2) |
| 93 | (2) | 101 | (4) | 109 | (2) |
| 94 | (3) | 102 | (2) | 110 | (2) |
| 95 | (2) | 103 | (1) | 111 | (1) |
| 96 | (1) | 104 | (1) | 112 | (4) |
| 97 | (2) | 105 | (2) | 113 | (3) |
| 98 | (4) | 106 | (3) | 114 | (2) |
AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key:
| Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6
AP Special TET 2026 Paper IIA Hindi – सभी भाग
- Part 1: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – प्रश्न 1–30
- Part 2: भाषा-I हिंदी – प्रश्न 31–60
- Part 3: भाषा-II अंग्रेज़ी – प्रश्न 61–90
- Part 4: हिंदी विषय-वस्तु (भाग 1) – प्रश्न 91–114 (यह पोस्ट)
- Part 5: हिंदी विषय-वस्तु (भाग 2) – प्रश्न 115–138
- Part 6: हिंदी शिक्षण विधियाँ – प्रश्न 139–150
अन्य TET/DSC अभ्यास पोस्ट के लिए AP Special TET लेबल देखें।
