AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi Initial Key Part 6 | Hindi Methodology (Q 139–150)

AP Special TET 2026 Paper IIA Hindi Part 6 Hindi methodology answer key by S Dommu, vaksara.com

AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key – Part 6

परीक्षा तिथि: 12 अक्टूबर 2026 | हिंदी शिक्षण विधियाँ (Methodology) – प्रश्न 139–150

आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा आयुक्तालय द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित AP Special TET 2026 की पेपर IIA (भाषा – हिंदी) परीक्षा 12-10-2026 को हुई। इस पोस्ट में प्रारंभिक उत्तर-कुंजी (Initial Key) के आधार पर हिंदी शिक्षण विधियाँ (Methodology) के प्रश्न 139 से 150 संक्षिप्त व्याख्या सहित दिए गए हैं। पहले स्वयं उत्तर सोचिए, फिर "उत्तर और व्याख्या देखें" पर टैप कीजिए।

ध्यान दें: यह प्रारंभिक कुंजी पर आधारित अभ्यास सामग्री है। अंतिम निर्णय के लिए आधिकारिक वेबसाइट (tet2dsc.apcfss.in) पर जारी उत्तर-कुंजी से मिलान अवश्य कीजिए।

AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key:

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प्रश्न पर जाएँ: 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150

हिंदी शिक्षण विधियाँ (Methodology) – प्रश्न 139–150

प्रश्न 139

बालक-बालिकाओं के द्वारा अध्यापक के आदर्श लेख का बिल्कुल वैसा का वैसा अनुकरण करना यह लिपि है -

  1. सुलिपि
  2. श्रुतलिपि
  3. अनुलिपि
  4. आशुलिपि
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) अनुलिपि

व्याख्या: आदर्श लेख को देखकर ज्यों-का-त्यों उतारना (नकल करना) अनुलिपि है। श्रुतलिपि में बोलकर लिखवाया जाता है।

प्रश्न 140

कहानी की उपयोगिता के संबंध में यह कथन सही नहीं है-

  1. बालकों की कल्पना शक्ति विकसित होती है।
  2. कहानी मनोरंजन का मुख्य साधन है।
  3. बालकों का शब्द भंडार बढ़ता है।
  4. बालकों का ज्ञान-वर्धन नहीं होता है।
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (4) बालकों का ज्ञान-वर्धन नहीं होता है।

व्याख्या: कहानी से बालकों का ज्ञान-वर्धन भी होता है; इसलिए 'ज्ञान-वर्धन नहीं होता' कथन गलत है।

प्रश्न 141

व्याकरण की यह विधि संस्कृत से आई है और इसका प्रचलन हमारे देश में बहुत पहले से है -

  1. भाषा-संसर्ग विधि
  2. सहयोग विधि
  3. सूत्र विधि
  4. प्रयोग विधि
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) सूत्र विधि

व्याख्या: सूत्र विधि (पाणिनि परंपरा) संस्कृत से आई प्राचीन व्याकरण शिक्षण विधि है, जिसमें सूत्र रटाकर नियम सिखाए जाते हैं।

प्रश्न 142

जहाँ बिंदु की आवश्यकता है, वहाँ बिंदु नहीं लगाया जाता - यथा - पढ़ना (पढना), काढ़ना (काढना) आदि। यह अशुद्धि है -

  1. बिंदु का लोप
  2. अनावश्यक बिंदु
  3. स्थान परिवर्तन
  4. अनावश्यक वर्ण
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (1) बिंदु का लोप

व्याख्या: ढ़ में नीचे बिंदु (नुक्ता) आवश्यक है; उसे न लगाना बिंदु का लोप नामक अशुद्धि है।

प्रश्न 143

सस्वर वाचन के ‘साहचर्य विधि’ का आविष्कार इसने किया था -

  1. श्री आर पी नायक
  2. क्रो एंड क्रो
  3. श्रीमती मान्तेसरी
  4. रघुवीर सहाय
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) श्रीमती मान्तेसरी

व्याख्या: साहचर्य (Association) विधि का प्रवर्तन श्रीमती मान्तेसरी ने किया था।

प्रश्न 144

“वन हंडरेड वेज ऑफ टीचिंग साइलेंट रीडिंग” ग्रन्थ में इन्होंने ऐसी बहुत-सी विधियों का उल्लेख किया है, जिनसे मौन वाचन का मूल्यांकन किया जा सकता है -

  1. श्री स्मिथ
  2. श्रीमती मान्तेसरी
  3. वचनसिंह चौधरी
  4. आचार्य नरेन्द्रनाथ
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (1) श्री स्मिथ

व्याख्या: 'One Hundred Ways of Teaching Silent Reading' के लेखक श्री स्मिथ हैं।

प्रश्न 145

हैडो के अनुसार कविता का रसास्वादन केवल इनके द्वारा ही हो सकता है -

  1. कानों के द्वारा
  2. आँखों के द्वारा
  3. नाक के द्वारा
  4. हाथ-पैरों के द्वारा
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (1) कानों के द्वारा

व्याख्या: हैडो के अनुसार कविता का वास्तविक रसास्वादन सुनने (कानों) से होता है, इसलिए कविता का आदर्श वाचन आवश्यक है।

प्रश्न 146

अ, आ, ह - इन वर्णों का उच्चारण स्थान है -

  1. दन्तोष्ठ
  2. तालु और नासिका
  3. ओष्ठ और नासिका
  4. कंठ
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (4) कंठ

व्याख्या: 'अकुह विसर्जनीयानां कण्ठः' सूत्र के अनुसार अ, आ, क-वर्ग, ह और विसर्ग का उच्चारण स्थान कंठ है।

प्रश्न 147

सस्वरवाचन की विधि में प्रारंभिक अवस्था में बालकों के सामने वही शब्द रखे जाएँ, जिनकी ध्वनियों में समानता हो, जैसे - धर्म, मर्म, गर्म, कर्म

  1. देखो और कहो विधि
  2. साहचर्य विधि
  3. कहानी विधि
  4. ध्वनि साम्य विधि
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (4) ध्वनि साम्य विधि

व्याख्या: समान ध्वनि वाले शब्दों (धर्म, मर्म, गर्म, कर्म) को साथ रखकर पढ़ाना ध्वनि-साम्य विधि है।

प्रश्न 148

कहानी के कथावस्तु या कथानक में यह गुण नहीं होना चाहिए -

  1. गतिशीलता
  2. रोचकता
  3. अस्पष्टता
  4. शृंखला-बद्धता
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) अस्पष्टता

व्याख्या: अच्छे कथानक में गतिशीलता, रोचकता और क्रमबद्धता होनी चाहिए; अस्पष्टता दोष है।

प्रश्न 149

किसके अंतर्गत आगमन विधि का प्रयोग किया जाता है?

  1. स्थूल से सूक्ष्म की ओर
  2. प्रत्यक्ष से अप्रत्यक्ष की ओर
  3. विशिष्ट से सामान्य की ओर
  4. अनुभव से तर्क की ओर
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) विशिष्ट से सामान्य की ओर

व्याख्या: आगमन विधि में उदाहरणों (विशिष्ट) से नियम/सामान्य निष्कर्ष तक पहुँचा जाता है, जबकि निगमन विधि में सामान्य नियम से उदाहरण की ओर जाते हैं।

प्रश्न 150

ये प्रारंभिक प्रश्न होते हैं, जिनसे अध्यापक अपना पाठ आरंभ करता है -

  1. तुलनात्मक प्रश्न
  2. बोध प्रश्न
  3. प्रस्तावनात्मक प्रश्न
  4. विचारात्मक प्रश्न
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (3) प्रस्तावनात्मक प्रश्न

व्याख्या: पाठ आरंभ करने के लिए छात्रों का पूर्व ज्ञान जाँचने वाले प्रश्न प्रस्तावनात्मक प्रश्न कहलाते हैं।

उत्तर-कुंजी (Answer Key 139–150)

प्र.उत्तरप्र.उत्तरप्र.उत्तर
139(3) 143(3) 147(4)
140(4) 144(1) 148(3)
141(3) 145(1) 149(3)
142(1) 146(4) 150(3)

AP Special TET 2026 | Paper IIA Hindi | Initial Key:

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