AP TET 2026 | PAPER IIA-Hindi | Child Development & Pedagogy (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र)
Exam Date: 12 August, 2026
AP TET 2026 पेपर II-A (भाषा – हिंदी) की परीक्षा 12 अगस्त 2026 को हुई। इस पोस्ट में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) के प्रश्न 1 से 30 संक्षिप्त व्याख्या सहित दिए गए हैं। पहले स्वयं उत्तर सोचिए, फिर "उत्तर और व्याख्या देखें" पर टैप कीजिए।
ध्यान दें: यह उत्तर-कुंजी अभ्यास के लिए है। आधिकारिक उत्तर-कुंजी से मिलान अवश्य कीजिए (tet2dsc.apcfss.in)।
1किशोरों की आवश्यकताएँ
a) उपयुक्त मार्गदर्शन
b) समवयस्कों का सहयोग
c) उपयुक्त स्वतन्त्रता
d) स्व सम्मान के प्रति उपेक्षा
- a, b, c
- a, b
- a, b, d
- a, b, c, d
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) a, b, c
व्याख्या: किशोरावस्था जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण है, जिसमें तीव्र शारीरिक, मानसिक और सामाजिक बदलाव होते हैं। इस अवस्था में किशोरों को सही निर्णय लेने के लिए बड़ों के उपयुक्त मार्गदर्शन की, सामाजिक जुड़ाव और पहचान के लिए समवयस्कों के सहयोग (दोस्तों के साथ) की, और अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए उपयुक्त स्वतंत्रता की आवश्यकता होती है। स्व-सम्मान के प्रति उपेक्षा (लापरवाही) उनके विकास के लिए हानिकारक है, इसलिए कथन (d) गलत है।
2निम्न में से पूर्व बाल्यावस्था से न संबंधित तथ्य है
- प्रश्न पूछने की आयु
- अन्वेषण की दशा
- पूर्व पाठशाला की आयु
- झगड़ने की दशा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) झगड़ने की दशा
व्याख्या: पूर्व बाल्यावस्था (Early Childhood) की अवधि आमतौर पर 2 से 6 वर्ष तक मानी जाती है।
- इस अवस्था में बच्चे बहुत जिज्ञासु होते हैं और लगातार 'क्या', 'क्यों' जैसे सवाल पूछते हैं, इसलिए इसे प्रश्न पूछने की आयु कहा जाता है।
- बच्चे अपने आस-पास के वातावरण को जानने के लिए खिलौनों और चीजों के साथ प्रयोग करते हैं, इसलिए यह अन्वेषण (खोज) की दशा भी है।
- यह औपचारिक स्कूल जाने से पहले की अवस्था है, इसलिए इसे पूर्व पाठशाला की आयु (Pre-school age) कहते हैं।
- झगड़ने की दशा (Strife age / Gang age) उत्तर बाल्यावस्था (Later Childhood, 6-12 वर्ष) की विशेषता है, जहाँ बच्चे समूहों में रहते हैं और साथियों के साथ अधिक अंतःक्रिया या छोटे-मोटे झगड़े करते हैं। इसलिए कथन 4 पूर्व बाल्यावस्था से संबंधित नहीं है।
3'ब्रिजेस' नामक मनोवैज्ञानिक ने निम्न विकास पर शोध किया
- भौतिक
- संवेगात्मक
- नैतिक
- भाषाई
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) संवेगात्मक (Emotional)
व्याख्या: प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कैथरीन ब्रिजेस (Katharine Bridges) ने बच्चों के संवेगात्मक विकास (Emotional Development) पर गहन शोध किया था। उन्होंने एक संवेगात्मक विकास चार्ट (Bridges Emotion Chart) दिया, जिसके अनुसार जन्म के समय शिशु में केवल 'उत्तेजना' (Excitement) पाई जाती है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है (लगभग 2 वर्ष की आयु तक), उसमें भय, क्रोध, प्रेम, ईर्ष्या और खुशी जैसे लगभग सभी मुख्य संवेगों का विकास हो जाता है।
4शिशु पहले पहले हुकारे (बड़बड़ाहट) से आरंभ करके क्रमिक रूप से संभाषण की ओर अपने भाषाई कौशल का विकास करना इस नियम से संबंधित है
- विकास का निरंतर का नियम
- विकास को निर्दिष्ट दिशा का नियम
- विकास प्रतिमान का नियम
- विकास को भविष्यवाणी कह सकते है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) विकास प्रतिमान का नियम (Principle of uniformity of pattern)
व्याख्या: विकास प्रतिमान या समान रूप के नियम के अनुसार, किसी भी प्रजाति (जैसे मानव) के सभी बच्चों के विकास का एक समान पैटर्न या क्रम होता है, भले ही उनकी व्यक्तिगत गति अलग हो सकती है।
- भाषा विकास का यह एक सार्वभौमिक (Universal) पैटर्न है कि दुनिया का हर बच्चा सबसे पहले रोना (Crying) शुरू करता है, फिर बड़बड़ाना (Babbling - जैसे बा-बा, दा-दा) और अंत में क्रमिक रूप से शब्दों और पूरे वाक्यों (Conversations) का उच्चारण सीखता है। यह क्रमिक प्रतिमान सभी शिशुओं पर समान रूप से लागू होता है।
5निम्न में से यह मानसिक विकास से संबंधित नहीं है (अंग्रेजी के अनुसार)
- चिंतन कौशल (Thinking skills)
- अवधान कौशल (Attention skills)
- चलन कौशल (Motor skills)
- समस्या समाधान कौशल (Problem solving skills)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) चलन कौशल (Motor skills)
व्याख्या: मानसिक या संज्ञानात्मक विकास (Mental/Cognitive Development) का संबंध हमारे मस्तिष्क की क्षमताओं से होता है। चिंतन (Thinking), अवधान (Attention/ध्यान केंद्रित करना) और समस्या समाधान (Problem Solving) पूरी तरह से मानसिक प्रक्रियाएं हैं।
- इसके विपरीत, चलन कौशल (Motor skills / गामक कौशल) जैसे चलना, दौड़ना, कूदना, या हाथों से काम करना, हमारे शारीरिक विकास (Physical Development) और मांसपेशियों के नियंत्रण से संबंधित होते हैं, न कि सीधे मानसिक विकास से।
6बालक और बालिका बाल्यावस्था से प्रौढ़ावस्था तक मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक और शारीरिक रूप से बदलने की अवस्था ही "किशाेरावस्था" है। ये किस मनोवैज्ञानिक का कथन है?
- स्टानली हॉल
- जेशील्डस (Jersild)
- हर्लाक
- सीशोर
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) जेशील्डस (Jersild)
व्याख्या: यह प्रसिद्ध परिभाषा मनोवैज्ञानिक ए. टी. जर्सील्ड (Arthur T. Jersild) द्वारा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किशोरावस्था केवल शारीरिक बदलावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह संक्रमण काल (Transitional Period) है जिसमें बालक-बालिकाएं मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक रूप से परिपक्व होकर बाल्यावस्था से प्रौढ़ावस्था (Adulthood) में प्रवेश करते हैं।
7"विकास का मतलब एक व्यक्ति में संरचना, सोच, व्यवहार में परिवर्तन आना, यह जैव संबंधी और पर्यावरण दोनों से घटित होती है" इनका कथन है
- अंडरसन (Anderson)
- हर्लाक (Hurlock)
- क्रैक (Craig)
- क्रो और क्रो (Crow and Crow)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) क्रैक (Craig)
व्याख्या: यह परिभाषा प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक ग्रेस जे. क्रैग (Grace J. Craig) द्वारा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास (Development) केवल शारीरिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्ति की शारीरिक संरचना, सोचने के तरीके (Thought Process) और उसके व्यवहार में आने वाले सभी गुणात्मक परिवर्तन शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह परिवर्तन आनुवंशिकता (Biological) और पर्यावरण (Environmental) दोनों की अंतःक्रिया के परिणामस्वरूप होता है।
8सोच, अनुभव, ज्ञानेंद्रियों के द्वारा प्राप्त ज्ञान, समझदारी से जुड़ी हुई मानसिक क्रियाओं को इस प्रकार संबोधित करते है
- प्रत्यक्ष (Perception)
- भावनात्मक संज्ञान (Meta cognition)
- अनुकूलन (Accommodation)
- संज्ञान (Cognition)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) संज्ञान (Cognition)
व्याख्या: संज्ञान (Cognition) एक व्यापक मानसिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम ज्ञान प्राप्त करते हैं, उसे समझते हैं और संसाधित करते हैं। इसमें सोचना, तर्क करना, स्मृति (याद रखना), निर्णय लेना, समस्या का समाधान करना और हमारी ज्ञानेंद्रियों (Senses) से मिलने वाले अनुभवों को समझना शामिल है।
- अन्य विकल्प जैसे प्रत्यक्ष (Perception) संज्ञान का एक छोटा हिस्सा है, भावात्मक संज्ञान (Meta-cognition) का अर्थ 'अपनी खुद की सोच के बारे में सोचना' होता है, और अनुकूलन (Accommodation) पियाजे के अनुसार स्कीमा में बदलाव करने की प्रक्रिया है। इसलिए, दी गई संपूर्ण परिभाषा संज्ञान के लिए बिल्कुल सही है।
9निम्न में सही कथन पहचानिए
कथन 'P' : इडिपस कॉम्प्लेक्स → लड़के को अपनी माँ के प्यार की इच्छा
कथन 'Q' : एलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स → लड़कियों को अपने पिता के प्यार की इच्छा
- कथन P, Q दोनों सही हैं
- कथन P, Q दोनों गलत हैं
- कथन 'P' मात्र सही है
- कथन 'Q' मात्र सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) कथन P, Q दोनों सही हैं
व्याख्या: प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) ने अपने मनोलैंगिक विकास के सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'लैंगिक अवस्था' (Phallic Stage, 3 से 6 वर्ष) में इन दो ग्रंथियों (Complexes) का उल्लेख किया है:
- इडिपस कॉम्प्लेक्स (Oedipus Complex): इसके कारण लड़कों का अपनी माता के प्रति अत्यधिक प्रेम या आकर्षण होता है और वे अपने पिता को प्रतिद्वंद्वी समझते हैं।
- एलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स (Electra Complex): इसके कारण लड़कियों का अपने पिता के प्रति अत्यधिक जुड़ाव या आकर्षण होता है और वे अपनी माता से ईर्ष्या या प्रतिद्वंद्विता महसूस करती हैं।
- अतः दोनों ही कथन पूर्णतः सत्य हैं।
10क्रियात्मक स्मृति (Working Memory) से संबंधित सही वाक्य पहचानिए
a) ये तात्कालिक रूप में जमा किए गए समाचार (सूचना) को संज्ञानात्मक क्रिया में बदलने की प्रक्रिया है।
b) यह अल्पकालिक स्मृति (Short-term memory) के समान है।
c) इस प्रकार की स्मृति पर "बडलि" (Baddeley) ने काम किया।
- a, b
- a, c
- b, c
- a
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) a, c
व्याख्या:
- कथन (a) सही है: क्रियात्मक स्मृति (Working Memory) मस्तिष्क की वह प्रणाली है जो किसी संज्ञानात्मक कार्य (जैसे- गणित हल करना या सोचना) को करते समय सूचनाओं को अस्थायी रूप से रोककर रखती है और उन पर मानसिक प्रक्रिया (Processing) करती है।
- कथन (b) गलत है: क्रियात्मक स्मृति और अल्पकालिक स्मृति (Short-term memory) पूरी तरह समान नहीं हैं। अल्पकालिक स्मृति केवल सूचनाओं को थोड़े समय के लिए संग्रहीत (Store) करती है, जबकि क्रियात्मक स्मृति उन सूचनाओं को संग्रहीत करने के साथ-साथ उन पर काम (Manipulate/Process) भी करती है।
- कथन (c) सही है: एलन बैडबले (Alan Baddeley) और ग्राहम हिच ने 1974 में क्रियात्मक स्मृति का प्रसिद्ध मॉडल (Baddeley's Model of Working Memory) दिया था, जिसमें उन्होंने सेंट्रल एग्जीक्यूटिव, फोनोलॉजिकल लूप और विजुओ-स्पेशियल स्केचपैड की बात की थी।
11बुद्धि के इस सिद्धांत के अनुसार गणित में कुशलता प्राप्त लड़की अंग्रेजी में भी कुशलता प्राप्त करती है, वह है:
- एक खंड का सिद्धांत (Uni Factor Theory)
- द्विखण्ड का सिद्धांत (Two Factor Theory)
- बहुखण्ड का सिद्धांत (Multi Factor Theory)
- बहु बुद्धि का सिद्धांत (Multiple Intelligence Theory)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) एक खंड का सिद्धांत (Uni Factor Theory)
व्याख्या: बुद्धि का एक-खंड सिद्धांत (या एक-कारक सिद्धांत) प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि एक अविभाज्य इकाई (Single indivisible entity) है।
- यह सिद्धांत मानता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में कुशल या बुद्धिमान है, तो वह जीवन के अन्य सभी क्षेत्रों (जैसे गणित, अंग्रेजी, कला आदि) में भी उतना ही कुशल होगा। इसलिए, गणित में कुशल लड़की का अंग्रेजी में भी कुशल होना इसी सिद्धांत की अवधारणा को दर्शाता है। (नोट: आधुनिक समय में इस सिद्धांत को दोषपूर्ण माना जाता है और इसे निरंकुशवादी सिद्धांत भी कहा जाता है)।
12रोशा स्याही धब्बा परीक्षण के संबंध में सही कथन का चयन कीजिए:
a) इसमें दस चतुरस्राकार (वर्गाकार) कार्ड होते हैं।
b) पाँच कार्डों पर काली स्याही के धब्बे होते हैं।
c) दो पर काले और लाल स्याही के धब्बे होते हैं।
d) पाँच पर पाँच रंगों के स्याही धब्बे होते हैं।
- a, b, c, d सही हैं
- a, b सही हैं
- b, c सही हैं
- a, d सही हैं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) b, c सही हैं
व्याख्या: रॉर्शा स्याही धब्बा परीक्षण (Rorschach Inkblot Test) का प्रतिपादन 1921 में स्विस मनोचिकित्सक हर्मन रॉर्शा (Hermann Rorschach) द्वारा व्यक्तित्व मापन की एक प्रक्षेपी विधि (Projective Technique) के रूप में किया गया था।
- इस परीक्षण में कुल 10 कार्ड होते हैं, जो वर्गाकार (Square) नहीं बल्कि आयताकार (Rectangular) होते हैं, इसलिए कथन (a) गलत है।
- इन 10 कार्डों का रंग विभाजन इस प्रकार होता है:
- 5 कार्ड: पूरी तरह से काले और भूरे (Black and Gray) होते हैं। (कथन b सही है)
- 2 कार्ड: काले और लाल (Black and Red) रंग के होते हैं। (कथन c सही है)
- 3 कार्ड: बहुरंगी या विभिन्न रंगों (Multicolor) के होते हैं, न कि पाँच कार्ड। (कथन d गलत है)
- अतः केवल कथन b और c सही होने के कारण विकल्प 3 सही उत्तर है।
13गोल्डन आलपोर्ट के अनुसार व्यक्तित्व की पहचान के लिए इनका मालूम करना जरूरी है:
- लक्षण (Traits / शीलगुण)
- शरीर के स्रव (Secretion of the body)
- शरीर की आकृतियाँ (Shapes of the body)
- प्रवृत्तियां (Tendencies)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) लक्षण (Traits / शीलगुण)
व्याख्या: प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) को व्यक्तित्व के शीलगुण सिद्धांत (Trait Theory of Personality) का जनक माना जाता है। ऑलपोर्ट के अनुसार, व्यक्तित्व की पहचान करने और उसका आकलन करने के लिए व्यक्ति के शीलगुणों (Traits) को जानना सबसे आवश्यक है। शीलगुण व्यक्ति के व्यवहार की वे स्थायी विशेषताएं होती हैं जो अलग-अलग परिस्थितियों में लगभग समान रहती हैं। उन्होंने इन शीलगुणों को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया था: कार्डिनल (Cardinal), केंद्रीय (Central), और गौण (Secondary) शीलगुण।
14गोगन 1983 के अनुसार "एक व्यक्ति की संज्ञानात्मक कार्य (Cognitive Task) को करने की विधि को प्रभावित करने वाले विशिष्ट व्यक्तित्व और अभिप्रेरणात्मक कारकों को यह कहते हैं:"
- सीखने की शैली (Learning style)
- ज्ञानात्मक शैली / संज्ञानात्मक शैली (Cognitive style)
- मस्तिष्क मंथन (Brain storming)
- मनोरेखा चित्र (Mind mapping)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) ज्ञानात्मक शैली / संज्ञानात्मक शैली (Cognitive style)
व्याख्या: मनोवैज्ञानिक नेथन कोगन (Nathan Kogan, 1983) के अनुसार, संज्ञानात्मक शैली (Cognitive Style) व्यक्ति की वह विशिष्ट और स्थिर आदत होती है जो यह तय करती है कि वह किसी जानकारी को कैसे ग्रहण करता है, कैसे सोचता है, समस्याओं को कैसे हल करता है और किसी मानसिक या संज्ञानात्मक कार्य (Cognitive Task) के प्रति उसका दृष्टिकोण कैसा होता है।
- यह शैली व्यक्ति के व्यक्तित्व और उसकी अभिप्रेरणा (Motivation) से गहराई से जुड़ी होती है, जो उसे अन्य लोगों से अलग और विशिष्ट सोच प्रतिमान (Thinking Pattern) प्रदान करती है।
15इनमें ज्ञानात्मक क्षेत्रीय सिद्धांत नहीं है:
- कोहलर का अंतर्दृष्टि सिद्धांत (Kohler’s Insightful Learning Theory)
- ब्रूनर का आविष्कार अधिगम सिद्धांत (Bruner’s Discovery Learning Theory)
- वैगाट स्की निर्माणात्मक अधिगम सिद्धांत (Vygotsky’s Constructive Learning Theory)
- B.F. स्किनर का यान्त्रिक संबद्ध सिद्धांत (B.F. Skinner’s Instrumental Condition Theory)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) B.F. स्किनर का यान्त्रिक संबद्ध सिद्धांत
व्याख्या: अधिगम सिद्धांतों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है: व्यवहारवादी (Behaviorist) और संज्ञानवादी/क्षेत्रीय (Cognitive/Field Theories)।
- कोहलर, ब्रूनर और वायगोत्स्की के सिद्धांत संज्ञानवाद और रचनावाद के अंतर्गत आते हैं, जो मस्तिष्क की आंतरिक प्रक्रियाओं, सूझ, खोज और ज्ञान के निर्माण को महत्व देते हैं।
- इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) का यान्त्रिक संबद्ध सिद्धांत (जिसे क्रिया प्रसूत अनुबंधन या Operant Conditioning भी कहा जाता है) एक शुद्ध व्यवहारवादी सिद्धांत है। यह सिद्धांत आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं के बजाय केवल बाह्य व्यवहार, उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R रिलेशनशिप) और पुनर्बलन (Reinforcement) पर ध्यान केंद्रित करता है। इसलिए यह ज्ञानात्मक क्षेत्रीय सिद्धांत नहीं है।
16शास्त्रीय संबंद्ध सिद्धांत को आविर्भाव (योगदान) करने वाले मनोवैज्ञानिकों में ये एक हैं:
- जे बी वाटसन (J. B. Watson)
- चार्ल्स जड़ (Charles Judd)
- थार्नडायिक (Thorndike)
- विलियम जेम्स (William James)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) जे बी वाटसन (J. B. Watson)
व्याख्या: शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory) का मूल प्रतिपादन रूसी शरीरशास्त्री इवान पावलोव (Ivan Pavlov) ने किया था। लेकिन मनोविज्ञान के क्षेत्र में इस सिद्धांत को स्थापित करने और इसके व्यावहारिक रूप को लोकप्रिय बनाने में व्यवहारवाद के जनक जे. बी. वाटसन (J. B. Watson) का बहुत बड़ा योगदान था।
- वाटसन ने अपने ग्यारह महीने के बच्चे 'लिटिल अल्बर्ट' (Little Albert) पर एक प्रसिद्ध प्रयोग किया था। इस प्रयोग में उन्होंने शास्त्रीय अनुबंधन के नियमों का उपयोग करके यह सिद्ध किया कि इंसानों में भय और अन्य संवेग भी अनुबंधन के माध्यम से सीखे जा सकते हैं। इसलिए दिए गए विकल्पों में से वाटसन ही इस सिद्धांत के आविर्भाव (उत्थान) से जुड़े हैं।
17‘Man’s Search for Meaning’ पुस्तक के रचयिता:
- विक्टर् फ्रैंकिलन (Viktor Frankl / Victor Franklin)
- जिम्मर (Jimmer)
- कीन (Kien)
- नोबाक (Noback)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) विक्टर् फ्रैंकिलन
व्याख्या: अत्यंत प्रसिद्ध पुस्तक ‘Man’s Search for Meaning’ के लेखक ऑस्ट्रियाई न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक विक्टर फ्रैंकल (Viktor Frankl) हैं।
- यह पुस्तक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी यातना शिविरों (Concentration Camps) में उनके अनुभवों पर आधारित है। फ्रैंकल ने इस पुस्तक के माध्यम से 'लोगोथेरेपी' (Logotherapy) का प्रतिपादन किया, जो अस्तित्ववादी मनोविज्ञान (Existential Psychology) का एक हिस्सा है। यह सिद्धांत मानता है कि मनुष्य का प्राथमिक प्रेरणा बल जीवन में दुखों के बावजूद 'अर्थ' (Meaning) खोजना है।
18जोड़ी बनाकर सही उत्तर दीजिए:
| स्तंभ I (संप्रदाय) | स्तंभ II (मनोवैज्ञानिक) |
|---|---|
| i) संरचनात्मक वाद (Structuralism) | a) वैगोटस्की (Vygotsky) |
| ii) बर्ताव / व्यवहारवाद (Behaviorism) | b) विल हाल मौंट (Wilhelm Wundt) |
| iii) निर्माणात्मक वाद / रचनावाद (Constructivism) | c) कार्लो रोजर्स (Carl Rogers) |
| iv) मानवता वाद (Humanism) | d) जान बी वाटसन (John B. Watson) |
- i-c, ii-b, iii-a, iv-d
- i-b, ii-a, iii-d, iv-c
- i-b, ii-d, iii-a, iv-c
- i-c, ii-d, iii-a, iv-b
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) i-b, ii-d, iii-a, iv-c
व्याख्या: मनोविज्ञान के विभिन्न संप्रदायों (Schools of Psychology) और उनके संस्थापकों का सही मिलान इस प्रकार है:
- i → b (संरचनावाद - विल्हेम वुंट): विल्हेम वुंट (Wilhelm Wundt) ने 1879 में जर्मनी के लिपज़िग में पहली मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला स्थापित की और चेतना की संरचना के अध्ययन पर बल दिया।
- ii → d (व्यवहारवाद - जॉन बी. वाटसन): जे. बी. वाटसन को व्यवहारवाद का जनक माना जाता है, जिन्होंने मनोविज्ञान को प्रेक्षणीय व्यवहार के विज्ञान के रूप में परिभाषित किया।
- iii → a (रचनावाद - लेव वायगोत्स्की): वायगोत्स्की एक प्रमुख सामाजिक-रचनावादी (Social Constructivist) थे, जो मानते थे कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण समाज और संस्कृति के साथ अंतःक्रिया करके करते हैं।
- iv → c (मानवतावाद - कार्ल रोजर्स): कार्ल रोजर्स और अब्राहम मास्लो मानवतावादी मनोविज्ञान के आध्यात्मिक स्तंभ हैं, जो व्यक्ति की आत्म-वास्तविकता (Self-actualization) और क्षमता पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
19संसर्ग (सहचर्य) सिद्धांतों के अलावा इनमें अधिगम का सिद्धांत है (अंग्रेजी के अनुसार: Following are the association theories of learning except):
- यत्नदोष का सिद्धांत (Trial and error theory)
- शास्त्रीय संबंद्ध सिद्धांत (Classical Conditioning Theory)
- यांत्रिक संबंद्ध सिद्धांत (Mechanistic conditioning theory)
- समग्रतात्मक का सिद्धांत (Gestaltean transposition theory)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) समग्रतात्मक का सिद्धांत (Gestaltean transposition theory)
व्याख्या: अधिगम के सहचर्यवादी या संसर्ग सिद्धांतों (Association Theories) का मानना है कि सीखना उद्दीपक और अनुक्रिया (S-R) या दो उद्दीपकों के बीच एक यांत्रिक संबंध या जुड़ाव बनने का परिणाम है। थार्नडाइक का प्रयत्न व भूल का सिद्धांत, पावलोव का शास्त्रीय अनुबंधन और स्किनर का क्रिया प्रसूत (यांत्रिक) अनुबंधन पूरी तरह से सहचर्यवादी सिद्धांत हैं।
- इसके विपरीत, गेस्टाल्टवादी सिद्धांत (समग्रतात्मक का सिद्धांत) एक संज्ञानवादी विचारधारा है। यह यांत्रिक जुड़ाव या रटने के बजाय मनुष्य की सूझ, अंतर्दृष्टि, प्रत्यक्षीकरण (Perception) और समस्या को संपूर्णता या समग्र रूप में समझने की क्षमता पर बल देता है। इसलिए, यह संसर्ग सिद्धांतों के अंतर्गत नहीं आता।
20बी एफ स्किनर के अनुसार, अधिगम संग्रह (Acquisition) और .... दोनों है:
- धारण (Retention)
- प्रत्यक्ष (Perception)
- अवधान (Attention)
- प्रज्ञ (Intelligence)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) धारण (Retention)
व्याख्या: प्रसिद्ध व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के अनुसार, अधिगम (Learning) की प्रक्रिया में केवल नए ज्ञान या व्यवहार को ग्रहण/संग्रह करना (Acquisition) ही काफी नहीं है, बल्कि उस सीखे गए व्यवहार को मस्तिष्क में लंबे समय तक बनाए रखना या धारण करना (Retention) भी उतना ही आवश्यक है। जब कोई व्यवहार अर्जित होने के बाद धारण कर लिया जाता है, तभी वह व्यक्ति की आदतों और स्थायी व्यवहार का हिस्सा बनता है।
21मनोवैज्ञानिकों की सेवाओं (योगदान) से जोड़ी बनाइए:
| स्तंभ A (मनोवैज्ञानिक) | स्तंभ B (परामर्श/मंत्रण के प्रकार) |
|---|---|
| i) कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) | a) निर्देशित मंतण / परामर्श (Directive Counselling) |
| ii) विलियमसन, डार्ली (Williamson, Darley) | b) दार्शनिक मंत्रण / समन्वित परामर्श (Eclectic/Mixed Counselling) |
| iii) एफ सी थार्न (F.C. Thorne) | c) अनिर्देशित मंत्रण / परामर्श (Non-Directive Counselling) |
- i-a, ii-b, iii-c
- i-b, ii-c, iii-a
- i-c, ii-a, iii-b
- i-c, ii-b, iii-a
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) i-c, ii-a, iii-b
व्याख्या: मार्गदर्शन और परामर्श (Guidance and Counselling) के अंतर्गत परामर्श के तीन मुख्य प्रकार और उनके प्रतिपादकों का सही मिलान इस प्रकार है:
- i → c (कार्ल रोजर्स - अनिर्देशित परामर्श): इसे क्लाइंट-केंद्रित (Client-Centered) परामर्श भी कहते हैं। इसमें परामर्शदाता के बजाय परामर्शग्राही (सीखने वाले या समस्याग्रस्त व्यक्ति) को मुख्य केंद्र माना जाता है। वह स्वयं अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वतंत्र होता है।
- ii → a (विलियमसन, डार्ली - निर्देशित परामर्श): इसे परामर्शदाता-केंद्रित (Counselor-Centered) परामर्श कहते हैं। इसमें परामर्शदाता मुख्य भूमिका में होता है, जो समस्या का विश्लेषण करता है और सीधे तौर पर समाधान या निर्देश देता है।
- iii → b (एफ. सी. थार्न - समन्वित/मिश्रित परामर्श): एफ. सी. थार्न (F.C. Thorne) ने इन दोनों विधियों के बीच का मार्ग चुना, जिसे 'एक्लेक्टिक' या समन्वित परामर्श कहते हैं। इसमें आवश्यकतानुसार निर्देशित और अनिर्देशित दोनों विधियों का मिश्रण उपयोग किया जाता है।
22लीनियर मल्टी मीडिया को यह भी कहते है:
- इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया (Interactive multimedia)
- नान इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया (Non-interactive multimedia)
- हैपर मल्टीमीडिया (Hyper media)
- डिजिटल मल्टीमीडिया (Digital multimedia)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) नान इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया
व्याख्या: मल्टीमीडिया संरचना को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है: लीनियर (Linear) और नॉन-लीनियर (Non-linear)।
- लीनियर मल्टीमीडिया (Linear Multimedia): इसमें उपयोगकर्ता (User) के पास विषय-वस्तु के प्रवाह को नियंत्रित करने का कोई विकल्प नहीं होता है। यह एक सीधी रेखा में आदि से अंत तक चलता रहता है (जैसे— सिनेमा हॉल में फिल्म देखना या टीवी शो)। चूंकि इसमें यूजर कोई प्रतिक्रिया या बदलाव नहीं कर सकता, इसलिए इसे नान इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया (Non-interactive multimedia) भी कहा जाता है।
- इसके विपरीत, नॉन-लीनियर मल्टीमीडिया में यूजर अपनी मर्जी से नेविगेट कर सकता है, जिसे इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया या हाइपरमीडिया (जैसे— वीडियो गेम या वेबसाइट्स) कहते हैं।
23वाक्य पढ़कर सही उत्तर चुनिए:
a) एक्स्ट्रा नेट यह एक कम्यूनिकेशन नेटवर्क है।
b) इसका एक्सेस लागिन क्रेडिनशियल होने वालों को ही सीमित किया गया है।
c) यह अत्युन्नत स्तर इंटरनेट वर्किंग है।
- a, b
- b, c
- a, c
- c
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) a, b
व्याख्या:
- कथन (a) सही है: एक्स्ट्रानेट (Extranet) वास्तव में एक निजी संचार नेटवर्क (Private Communication Network) होता है जो इंटरनेट तकनीक का उपयोग करता है।
- कथन (b) सही है: सुरक्षा कारणों से एक्स्ट्रानेट का एक्सेस सार्वजनिक नहीं होता। इसमें केवल उन्हीं अधिकृत बाहरी उपयोगकर्ताओं (जैसे— वेंडर, पार्टनर या चुनिंदा ग्राहक) को प्रवेश मिलता है जिनके पास वैध यूजरनेम और पासवर्ड (लॉगिन क्रेडेंशियल) होते हैं।
- कथन (c) गलत है: इंटरनेटवर्किंग का सबसे सर्वोच्च और व्यापक स्तर 'इंटरनेट' (Internet) स्वयं है, न कि एक्स्ट्रानेट। एक्स्ट्रानेट तो केवल इंटरनेट का उपयोग करके बनाया गया एक सीमित और नियंत्रित नेटवर्क है।
- अतः केवल कथन a और b सही होने के कारण विकल्प 1 सही उत्तर है।
24मैक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सल का साथ पैक किया हुआ मैक्रोसॉफ्ट आफीस् साफ्टवेर् है:
- एम एस पवर पायिंटि (M.S. Power Point)
- एम एस याक्तिस (M.S. Access)
- एम एस अवुटलुक (M.S. Outlook)
- एम एस वन नोट (M.S. One Note)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) एम एस पवर पायिंटि (M.S. Power Point)
व्याख्या: माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (MS Office) एक ऑफिस सूट है जिसमें कई प्रकार के उत्पादकता सॉफ्टवेयर शामिल होते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के सबसे बुनियादी और मुख्य पैकेज (Core Package) में तीन प्राथमिक सॉफ्टवेयर हमेशा एक साथ आते हैं: MS Word (वर्ड प्रोसेसिंग के लिए), MS Excel (स्प्रेडशीट और डेटा गणना के लिए), और MS PowerPoint (प्रेजेंटेशन और स्लाइड बनाने के लिए)। एक्सेस, आउटलुक और वननोट एडवांस या विशिष्ट पैकेज का हिस्सा होते हैं, लेकिन मुख्य त्रिमूर्ति में पावरपॉइंट ही वर्ड और एक्सेल के साथ शामिल होता है।
25टेलिफोन के द्वारा कंप्यूटर इंटरनेट कनेक्ट करने लेने वाला सहायक उपकरण (अंग्रेजी के अनुसार: A hardware device that allows a computer to connect to the Internet through an existing telephone line is called):
- हब (Hub)
- वैर्ड एन आई सी (Wired NIC)
- मोडेम (Modem)
- रूटर (Router)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) मोडेम (Modem)
व्याख्या: मोडेम (Modem) का पूरा नाम Modulator-Demodulator है। यह एक ऐसा हार्डवेयर उपकरण है जो कंप्यूटर को टेलीफोन लाइनों या केबल के माध्यम से इंटरनेट से जोड़ता है।
- टेलीफोन लाइनें केवल एनालॉग सिग्नल (Analog Signals) ले जा सकती हैं, जबकि कंप्यूटर केवल डिजिटल सिग्नल (Digital Signals) समझता है। मोडेम कंप्यूटर के डिजिटल सिग्नलों को एनालॉग में बदलता है (Modulation) ताकि वे टेलीफोन लाइन पर जा सकें, और बाहर से आने वाले एनालॉग सिग्नलों को वापस डिजिटल में बदलता है (Demodulation) ताकि कंप्यूटर उन्हें प्रोसेस कर सके।
26विद्यार्थी के निष्पादन प्रमाण प्रतिपादन पर किया गया संख्यात्मक वर्णन (अंग्रेजी के अनुसार: A numerical description of a student's performance mode on the basis of standards (norms) is):
- सिग्मा गणन (Sigma score)
- प्रामाणिक गणन (Standard score)
- ठोस गणन (Raw score)
- उत्पन्न गणन (Derived score)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) उत्पन्न गणन (Derived score)
व्याख्या: मूल्यांकन और सांख्यिकी (Evaluation and Statistics) के अंतर्गत, जब किसी छात्र के मूल प्राप्तांक या ठोस गणन (Raw Score) को मानकों (Norms) के आधार पर एक नए संख्यात्मक रूप में बदला जाता है ताकि उसकी तुलना अन्य छात्रों से की जा सके, तो उसे उत्पन्न गणन (Derived Score) कहा जाता है।
- उत्पन्न गणन सीधे तौर पर मानकों (Standards) पर आधारित होते हैं, जो यह बताते हैं कि एक छात्र ने संदर्भ समूह की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया है। इसके अंतर्गत प्रामाणिक गणन (Standard Scores), प्रतिशतक (Percentiles) और आयु/ग्रेड समतुल्य अंक आते हैं। चूँकि प्रामाणिक गणन (Standard Score) स्वयं उत्पन्न गणन का ही एक प्रकार है, इसलिए व्यापक संदर्भ में 'उत्पन्न गणन' ही सबसे उपयुक्त और सही उत्तर है।
27चर्यात्मक शोध (क्रियात्मक अनुसंधान) अनुकरण करने का क्रम को पहचानिए (अंग्रेजी के अनुसार: Identify the sequence followed in action research):
- प्रणाली → चर्या → परिशीलन → प्रतिचर्या (Planning → Action → Observation → Reflection)
- चर्या → प्रणाली → प्रतिचर्या → परिशीलन (Action → Planning → Reflection → Observation)
- परिशीलन → प्रतिचर्या → प्रणाली → चर्या (Observation → Reflection → Planning → Action)
- प्रतिचर्या → परिशीलन → प्रणाली → चर्या (Reflection → Observation → Planning → Action)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) प्रणाली → चर्या → परिशीलन → प्रतिचर्या (Planning → Action → Observation → Reflection)
व्याख्या: शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) का मुख्य उद्देश्य विद्यालय और कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं का वैज्ञानिक तरीके से समाधान खोजना है। कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा दिए गए और स्टीफन केमिस (Stephen Kemmis) द्वारा लोकप्रिय बनाए गए इस चक्र के चार मुख्य चरण एक निश्चित तार्किक क्रम में चलते हैं:
- प्रणाली / योजना (Plan): सबसे पहले समस्या की पहचान करके उसके समाधान के लिए एक ठोस योजना बनाई जाती है।
- चर्या / क्रियान्वयन (Act): बनाई गई योजना को कक्षा या विद्यालय की वास्तविक परिस्थिति में लागू (कार्यान्वित) किया जाता है।
- परिशीलन / अवलोकन (Observe): योजना लागू करने के बाद उसके प्रभावों, छात्रों की प्रतिक्रियाओं और परिणामों का ध्यानपूर्वक प्रेक्षण व डेटा एकत्र किया जाता है।
- प्रतिचर्या / चिंतन (Reflect): अंत में परिणामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श या आत्मचिंतन किया जाता है कि योजना कितनी सफल रही और इसमें क्या सुधार की आवश्यकता है। यह चक्र आवश्यकतानुसार दोबारा योजना बनाने (Re-plan) के लिए आगे बढ़ता है।
28AM = 71.4, M = 72.8 हो तो उसका दत्तांश बाहुलक (Mode) पहचानिए।
यहाँ AM = अंकमध्यम (Arithmetic Mean)
M = मध्यगत (Median)
- 6
- 6
- 2
- 2
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) 75.6
व्याख्या: सांख्यिकी (Statistics) में माध्य, माध्यिका और बहुलक के बीच एक अनुभवजन्य संबंध (Empirical Relationship) होता है:
सूत्र: बहुलक = 3 × (माध्यिका) - 2 × (माध्य)
(Mode = 3 Median - 2 Mean)हल:
- दिया गया है: माध्यिका (M) = 72.8, माध्य (AM) = 71.4
- सूत्र में मान रखने पर:
Mode = 3 × 72.8 - 2 × 71.4
Mode = 218.4 - 142.8
Mode = 75.6
29निम्न में से निरंकुश नेतृत्व शैली (Autocratic Leadership) से न संबंध रखने वाली सीमा (रुकावट) पहचानिए:
- कर्मचारियों में विश्वास और समन्वय न होना
- अध्यापकों और विद्यार्थी साधिकारिता नहीं है मानना (शक्तिहीन महसूस करना)
- अध्यापकों और विद्यार्थियों के बीच सन्निहित (अच्छे) संबंध न होना
- निर्णय लेने में समय नष्ट होना
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) निर्णय लेने में समय नष्ट होना
व्याख्या: निरंकुश नेतृत्व (Autocratic Leadership) में सारी शक्तियां केवल एक नेता (या प्रधानाचार्य) के हाथ में होती हैं। वह बिना किसी से सलाह लिए अकेले ही सारे फैसले लेता है।
- इसके कारण कर्मचारियों में अविश्वास (विकल्प 1), शिक्षकों और छात्रों में शक्तिहीनता की भावना (विकल्प 2), और आपसी संबंधों में गिरावट (विकल्प 3) जैसी सीमाएं या कमियां पैदा होती हैं।
- लेकिन, चूंकि नेता को किसी से विचार-विमर्श नहीं करना पड़ता, इसलिए इस शैली में निर्णय बहुत तेजी से लिए जाते हैं। अतः "निर्णय लेने में समय नष्ट होना" इस शैली की कमी या सीमा नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक नेतृत्व (Democratic Leadership) की कमी होती है।
30अधिगम के किस सिद्धांत के अनुसार, "अधिगमकर्ता नई सूचनाओं को अपने पूर्व ज्ञान के साथ जोड़कर सक्रिय रूप से ज्ञान की संरचना करता है"?
- व्यवहारवादी सिद्धांत (Behaviorist Theory)
- निर्मितिवाद या रचनावाद सिद्धांत (Constructivist Theory)
- शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory)
- मनोविश्लेषणवाद सिद्धांत (Psychoanalytic Theory)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) निर्मितिवाद या रचनावाद सिद्धांत (Constructivist Theory)
व्याख्या: रचनावाद या निर्मितिवाद (Constructivism) के अनुसार, शिक्षार्थी (Student) कोई निष्क्रिय पात्र नहीं है जिसमें शिक्षक केवल ज्ञान भरता है। इसके बजाय, छात्र एक सक्रिय अन्वेषक (Active Learner) है जो अपने पूर्व अनुभवों, पर्यावरण और सामाजिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करता है। जीन पियाजे और लेव वायगोत्स्की इस विचारधारा के मुख्य प्रतिपादक हैं। बाकी विकल्प (1 और 3) व्यवहार में यांत्रिक बदलावों पर बल देते हैं, जो इस परिभाषा से मेल नहीं खाते।
उत्तर-कुंजी (Answer Key 1–30)
| प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | (1) | 11 | (1) | 21 | (3) |
| 2 | (4) | 12 | (3) | 22 | (2) |
| 3 | (2) | 13 | (1) | 23 | (1) |
| 4 | (3) | 14 | (2) | 24 | (1) |
| 5 | (3) | 15 | (4) | 25 | (3) |
| 6 | (2) | 16 | (1) | 26 | (4) |
| 7 | (3) | 17 | (1) | 27 | (1) |
| 8 | (4) | 18 | (3) | 28 | (1) |
| 9 | (1) | 19 | (4) | 29 | (4) |
| 10 | (2) | 20 | (1) | 30 | (2) |
अधिक अभ्यास के लिए इस ब्लॉग के TET, बाल विकास और शिक्षाशास्त्र वाले अन्य पोस्ट देखें।
