AP TET 2026 | PAPER IIA-Hindi | Language 1 HINDI
Exam Date: 12 August, 2026
AP TET 2026 पेपर II-A (भाषा – हिंदी), सेट A, शिफ्ट 1 की परीक्षा 12 अगस्त 2026 को हुई। इस पोस्ट में सेक्शन-II: भाषा-I (हिंदी) के प्रश्न 31 से 60 संक्षिप्त व्याख्या सहित दिए गए हैं। पहले स्वयं उत्तर सोचिए, फिर "उत्तर और व्याख्या देखें" पर टैप कीजिए।
ध्यान दें: यह उत्तर-कुंजी अभ्यास के लिए है। आधिकारिक उत्तर-कुंजी से मिलान अवश्य कीजिए (tet2dsc.apcfss.in)।
सेक्शन-II: भाषा-I (हिंदी) – प्रश्न 31–60
31निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर नीचे दिये प्रश्न का उत्तर विकल्पों में पहचानिए।
शिक्षा का वास्तविक अर्थ और प्रयोजन व्यक्ति को व्यावहारिक बनाना होता है न कि शिक्षित होने के नाम पर अहम् और गर्व का हाथी उसके मन मस्तिष्क पर बाँध देना।
प्रश्न: लेखक ने अहम् और गर्व की तुलना किससे की?
- घोड़ा
- हाथी
- शेर
- बाघ
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) हाथी
व्याख्या: दिए गए गद्यांश की पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा है कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर "...अहम् और गर्व का हाथी..." बाँधना नहीं है। यहाँ लेखक ने मनुष्य के भीतर पैदा होने वाले घमंड (अहम्) और अंहकार (गर्व) के भारीपन और विशालता की तुलना हाथी से की है, जो व्यक्ति के व्यावहारिक ज्ञान को दबा देता है।
32निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर नीचे दिये प्रश्न का उत्तर विकल्पों में पहचानिए।
एक काबुलीवाले की लोग कहते हैं कहानी।
लाल मिर्च को देख भर गया उसके मुँह में पानी।।
सोचा, क्या अच्छे दाने हैं खाने, से बल होगा।
यह जरूर इस मौसम का कोई मीठा फल होगा।।
प्रश्न: काबुलीवाले ने मीठा फल किसे मानने लगा ?
- लाल मिर्च
- लीची
- आम
- अंगूर
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) लाल मिर्च
व्याख्या: पद्यांश की पंक्तियों के अनुसार, जब काबुलीवाले ने पहली बार लाल मिर्च को देखा, तो उसके गहरे लाल रंग और दानों को देखकर उसके मुँह में पानी आ गया। उसने मिर्च के तीखेपन से अनजान होकर यह अनुमान लगाया कि यह अवश्य ही इस मौसम का कोई मीठा फल होगा जिसे खाने से शरीर में ताकत (बल) आएगी। इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
33निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर नीचे दिये प्रश्न का उत्तर विकल्पों में पहचानिए।
तेनालीराम ने चम्मच अपनी जेब में रखली। फिर उन्होंने आँखें बंद की और कोई मंत्र पढ़ने का बहाना बनाया थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी आँखें खोली और कहा 'अब चम्मच मेरी जेब में से किसी की जेब में चला गया है। देखते हैं कि किसकी जेब में है'।
प्रश्न: तेनालीराम ने क्या पढ़ने का बहाना बनाया ?
- मंत्र
- तंत्र
- किर्तन
- भजन
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) मंत्र
व्याख्या: दिए गए गद्यांश की दूसरी पंक्ति में साफ तौर पर लिखा है कि चम्मच जेब में रखने के बाद तेनालीराम ने अपनी आँखें बंद कीं और "...कोई मंत्र पढ़ने का बहाना बनाया..."। उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और चतुराई से चोर को पकड़ने या चम्मच खोजने का नाटक करने के लिए मंत्र पढ़ने का स्वांग रचा था।
34निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर नीचे दिये प्रश्न का उत्तर विकल्पों में पहचानिए।
फूल जैसी सुंदर मैं बागों में खिलूँगी,
तितली बनूँगी मैं हवा को चूमूँगी,
हवा को चूमूँगी, नाचूँगी, गाऊँगी, बेटी हूँ मैं।
प्रश्न: बेटी क्या बनना चाहती है ?
- पक्षी
- गौरैया
- तितली
- तारा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) तितली
व्याख्या: पद्यांश की दूसरी पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा है— "...तितली बनूँगी मैं हवा को चूमूँगी..."। यहाँ बेटी अपनी स्वतंत्रता, खुशी और उड़ान की इच्छा को व्यक्त करने के लिए बागों में स्वच्छंद उड़ने वाली तितली बनने की इच्छा प्रकट कर रही है।
35च, छ, ज, झ, ञ का उच्चारण स्थान यह है -
- कण्ठ
- तालू
- दन्त
- मूर्धा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) तालू
व्याख्या: हिंदी वर्णमाला में 'च-वर्ग' (च, छ, ज, झ, ञ) के सभी वर्णों का उच्चारण करते समय जीभ मुख के ऊपरी हिस्से यानी तालू (Palate) को स्पर्श करती है। संस्कृत व्याकरण के सूत्र "इचुयशानां तालु" के अनुसार भी छोटी इ (इ), बड़ी ई (ई), च-वर्ग, य (य) और श (श) का उच्चारण स्थान तालव्य (तालू) होता है।
36निम्न शब्दों में संयुक्ताक्षर शब्द पहचानिए ।
- पक्का
- मक्का
- मक्खन
- चक्की
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) मक्खन
व्याख्या: हिंदी व्याकरण के नियमानुसार, जब दो अलग-अलग व्यंजन आपस में मिलते हैं (जिसमें पहला स्वर-रहित और दूसरा स्वर-सहित होता है), तो उसे संयुक्ताक्षर कहा जाता है। 'मक्खन' शब्द में 'क्' (क) और 'ख' दो भिन्न व्यंजन मिलकर संयुक्ताक्षर बनाते हैं।
- इसके विपरीत, जब एक ही व्यंजन दो बार लगातार आए (पहला आधा और दूसरा पूरा, जैसे— क्क), तो उसे द्वित्व व्यंजन (Double Consonants) कहा जाता है। 'पक्का', 'मक्का' और 'चक्की' शब्दों में 'क् + क' का प्रयोग हुआ है, जो द्वित्व व्यंजन के उदाहरण हैं। इसलिए 'मक्खन' ही एकमात्र संयुक्ताक्षर शब्द है।
37प्रहलाद की प्रार्थना से नृसिंह खंभा तोड़कर बाहर आये ।
रेखांकित शब्द का पर्यायवाची शब्द पहचानिए ।
- शेर
- स्तंभ
- सिंह
- दीवार
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) स्तंभ
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "खंभा" है। व्याकरण की दृष्टि से 'खंभा' एक तद्भव शब्द है, जिसका शुद्ध तत्सम रूप और पर्यायवाची शब्द 'स्तंभ' (Pillar) होता है। शेर और सिंह पशु (Lion) के पर्यायवाची हैं, और दीवार (Wall) एक अलग संरचना है, इसलिए विकल्प 2 सही उत्तर है।
38संस्कार के कारण ही परिमार्जित भाषा का प्रयोग हो सकता है ।
रेखांकित शब्द का विलोम शब्द पहचानिए ।
- अपरिमार्जित
- विपिरिमार्जित
- अनपरिमार्जित
- सुपरिमार्जित
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) अपरिमार्जित
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "परिमार्जित" है, जिसका अर्थ होता है— शुद्ध की हुई, संवारी हुई या परिष्कृत (Refined)। व्याकरण के नियमानुसार, 'परिमार्जित' शब्द के आगे 'अ' उपसर्ग (Negative Prefix) लगाने से उसका सटीक विपरीतार्थक या विलोम शब्द 'अपरिमार्जित' बनता है, जिसका अर्थ है— जो शुद्ध न की गई हो या अशुद्ध (Unrefined)।
39‘एकैक’ शब्द संधि विच्छेद करने पर -
- एक + एक
- एक + अक
- एक + कैक
- एका + एक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) एक + एक
व्याख्या: 'एकैक' शब्द में वृद्धि स्वर संधि का नियम लागू होता है।
- नियम: जब 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आए, तो दोनों के मेल से 'ऐ' हो जाता है।
- विच्छेद: एक (क् + अ) + एक (ए...) → अ + ए = ऐ → एकैक। इसलिए विकल्प 1 इसका शुद्ध और सही संधि-विच्छेद है।
40सूरदास जन्मांध कवि थे ।
रेखांकित शब्द में ये समास है -
- कर्मधारय समास
- अव्ययीभाव समास
- तत्पुरुष समास
- द्विगु समास
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) तत्पुरुष समास
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "जन्मांध" है। जब हम इसका समास विग्रह (Spitting the compound word) करते हैं, तो इसका रूप "जन्म से अंधा" होता है।
- यहाँ 'से' कारक चिह्न (कारक विभक्ति) का लोप हुआ है, जो कि अपादान तत्पुरुष समास (जन्म से अलग या रहित होने के अर्थ में) की पहचान है। जिस समास में उत्तर पद प्रधान हो और विग्रह करने पर कारक चिह्नों का प्रयोग हो, वह तत्पुरुष समास कहलाता है।
41समूहवाचक संज्ञा शब्दों को पहचानिए ।
- मुरारी, सुंदरता
- बचपन, बाला
- गिरोह, गोदावरी
- सभा, कक्षा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) सभा, कक्षा
व्याख्या: समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun) उन शब्दों को कहा जाता है जिनसे किसी एक व्यक्ति या वस्तु का बोध न होकर पूरे समूह, समुदाय या झुंड का बोध होता है।
- 'सभा' (लोगों का समूह) और 'कक्षा' (विद्यार्थियों का समूह) दोनों ही शब्द पूरे समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए यह सही विकल्प है।
- अन्य विकल्पों में: 'मुरारी' और 'गोदावरी' व्यक्तिवाचक हैं; 'सुंदरता' और 'बचनप' भाववाचक हैं; तथा 'गिरोह' समूहवाचक होने के बावजूद 'गोदावरी' के साथ आने के कारण विकल्प 3 गलत हो जाता है।
42मैं तो आप ही चाहता हूँ कि सब से अलग रहूँ ।
वाक्य में रेखांकित शब्द क्या है ?
- निश्चयवाचक सर्वनाम
- निजवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) निजवाचक सर्वनाम
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "आप" है। यहाँ 'आप' शब्द का प्रयोग किसी अन्य व्यक्ति को आदर देने के लिए (पुरुषवाचक के रूप में) नहीं हुआ है, बल्कि स्वयं कर्ता (मैं) के लिए 'खुद' या 'स्वयं' के अर्थ में हुआ है ("मैं तो खुद ही चाहता हूँ...")। व्याकरण के नियमानुसार, जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कर्ता स्वयं अपने लिए करता है, उन्हें निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun) कहते हैं।
43क्षत्रिय बड़े साहसी होते हैं ।
वाक्य में रेखांकित शब्द क्या है ?
- गुणवाचक विशेषण
- परिमाणवाचक विशेषण
- संख्यावाचक विशेषण
- प्रविशेषण
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) प्रविशेषण
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "बड़े" है। इस वाक्य में 'साहसी' शब्द एक विशेषण है जो क्षत्रियों के गुण को दर्शा रहा है। लेकिन 'बड़े' शब्द यहाँ संज्ञा की नहीं, बल्कि खुद विशेषण (साहसी) की भी विशेषता बता रहा है कि वे कितने साहसी हैं— 'बड़े साहसी' हैं। व्याकरण के नियमानुसार, जो शब्द विशेषणों की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें प्रविशेषण (Intensifier) कहा जाता है।
44जिसके आने की तिथि का ज्ञान न हो -
इस वाक्यांश को एक शब्द में पहचानिए ।
- अतिथि
- अभ्यागत
- आतिथ्य
- अगोचर
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) अतिथि
व्याख्या: यह वाक्यांश अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution) के अंतर्गत आता है।
- अतिथि: शब्द 'तिथि' के आगे 'अ' उपसर्ग लगाने से बनता है, जिसका अर्थ है— जिसकी कोई निश्चित तिथि (Date) न हो। अर्थात् ऐसा मेहमान जिसके आने का दिन या समय पहले से तय न हो।
- अन्य विकल्पों में: 'अभ्यागत' का अर्थ सामने आया हुआ (मेहमान) होता है, 'आतिथ्य' का अर्थ मेहमान की सेवा या आवभगत करना (Hospitality) होता है, और 'अगोचर' का अर्थ होता है जो इंद्रियों द्वारा जाना न जा सके (ईश्वर)।
45दूध का दूध पानी का पानी करना - मुहावरे का अर्थ पहचानिए ।
- दूध मे पानी डालना
- दूध में दूध डालना
- दूध से पानी को अलग करना
- सच्चा-सच्चा न्याय करना
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) सच्चा-सच्चा न्याय करना
व्याख्या: यह प्रश्न हिंदी व्याकरण के मुहावरे (Idioms) खंड से है। मुहावरे अपने शाब्दिक अर्थ को छोड़कर एक विशेष या लाक्षणिक अर्थ प्रकट करते हैं।
- "दूध का दूध पानी का पानी करना" मुहावरे का वास्तविक अर्थ होता है— बिना किसी पक्षपात के सच्चा-सच्चा न्याय करना अथवा दूध और पानी की तरह सही और गलत को बिल्कुल साफ-साफ अलग कर देना। विकल्प 1, 2 और 3 इसके केवल सतही या शाब्दिक अर्थ हैं, जो कि गलत हैं।
46‘अभ्यागत’ शब्द में उपसर्ग है -
- अभि
- अ
- अभ्य
- अंभ
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) अभि
व्याख्या: 'अभ्यागत' शब्द की रचना यण स्वर संधि और उपसर्ग के योग से हुई है। जब हम इस शब्द का विच्छेद करते हैं, तो यह 'अभि + आगत' के रूप में टूटता है।
- नियम: यण संधि के नियमानुसार जब 'इ' या 'ई' के बाद कोई भिन्न स्वर (यहाँ 'आ') आता है, तो 'इ' का परिवर्तन 'य्' में हो जाता है।
- इस प्रकार, 'अभि' उपसर्ग का 'इ' और 'आगत' का 'आ' मिलकर 'या' बनाते हैं, जिससे मूल शब्द 'अभ्यागत' निर्मित होता है। अतः इस शब्द में शुद्ध उपसर्ग 'अभि' है।
47‘मस्ताना’ में प्रत्यय ये है ।
- ताना
- आना
- ना
- अना
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) आना
व्याख्या: प्रत्यय (Suffixes) वे शब्दांश होते हैं जो किसी मूल शब्द के अंत (पीछे) में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या बदलाव लाते हैं।
- 'मस्ताना' शब्द की रचना विदेशी/फारसी भाषा के प्रभाव से हुई है। इसमें मूल शब्द 'मस्त' है, जिसके अंत में 'आना' तद्धित प्रत्यय जोड़ने पर 'मस्ताना' शब्द बनता है (मस्त + आना = मस्ताना)। इसी प्रकार 'आना' प्रत्यय से घराना, सालानाव, और रोजाना जैसे शब्द भी बनते हैं।
48इनमें पुल्लिंग शब्द पहचानिए -
- देह
- आचरण
- अक्ल
- अदालत
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) आचरण
व्याख्या: हिंदी व्याकरण में शब्दों का लिंग निर्धारण उनके वाक्य प्रयोग और क्रिया के आधार पर किया जाता है।
- आचरण (पुल्लिंग): हम हमेशा कहते हैं— "उसका आचरण अच्छा है" या "अच्छा आचरण करना चाहिए।" यहाँ 'अच्छा' विशेषण और 'है' क्रिया इसके पुल्लिंग होने की पुष्टि करते हैं।
- अन्य विकल्प (स्त्रीलिंग): 'देह' (उसकी देह त्याग दी गई), 'अक्ल' (उसकी अक्ल मारी गई), और 'अदालत' (अदालत खुली है) ये तीनों शब्द स्त्रीलिंग वर्ग में आते हैं।
49इनमें एक शब्द बहुवचन में नहीं है -
- दर्शन
- हस्ताक्षर
- जनता
- बाल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) जनता
व्याख्या: यह प्रश्न हिंदी व्याकरण के वचन (Number) खंड के अपवाद वाले नियमों से संबंधित है, जो परीक्षाओं में बहुत पूछा जाता है।
- जनता (एकवचन): 'जनता' शब्द भले ही लोगों के समूह को दर्शाता है, लेकिन व्याकरणिक रूप से इसका प्रयोग हमेशा एकवचन (Singular) में ही किया जाता है। जैसे— "वहाँ जनता खड़ी है" (खड़ी हैं नहीं)।
- अन्य विकल्प (सदा बहुवचन): 'दर्शन' (मैंने आपके दर्शन किए), 'हस्ताक्षर' (उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए), और 'बाल' (उसके बाल काले हैं) ये ऐसे विशिष्ट शब्द हैं जिनका प्रयोग हिंदी में हमेशा बहुवचन (Plural) के रूप में ही होता है।
50“पीयूष राम को पीट रहा है” - रेखांकित शब्द में कारक है।
- संबंध कारक
- कर्म कारक
- कर्ता कारक
- अपादान कारक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) कर्म कारक
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "राम को" है। हिंदी व्याकरण में कर्ता द्वारा की गई क्रिया का प्रभाव (फल) जिस संज्ञा या सर्वनाम पर पड़ता है, उसे कर्म कारक (Objective Case) कहते हैं। कर्म कारक का विभक्ति चिह्न (परसर्ग) 'को' होता है। इस वाक्य में पीयूष (कर्ता) द्वारा पीटने की क्रिया का सीधा प्रभाव राम पर पड़ रहा है, इसलिए "राम को" में कर्म कारक है।
51क्रिया सकर्मक या अकर्मक जानने के लिए ये प्रश्न करते है -
- कब - क्यों
- किससे - कब
- कहाँ - कब
- क्या – किसको
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (4) क्या - किसको
व्याख्या: हिंदी व्याकरण में क्रिया के मुख्य दो भेद होते हैं: सकर्मक (Transitive) और अकर्मक (Intransitive)।
- किसी वाक्य की क्रिया सकर्मक है या अकर्मक, इसकी पहचान करने की सबसे सरल और प्रामाणिक ट्रिक यह है कि क्रिया के साथ 'क्या' या 'किसको' लगाकर प्रश्न किया जाता है।
- यदि प्रश्न करने पर कोई उत्तर (कर्म) प्राप्त होता है या उत्तर मिलने की संभावना होती है, तो वह सकर्मक क्रिया कहलाती है (जैसे— राम 'क्या' खाता है? उत्तर: आम → सकर्मक)।
- यदि प्रश्न करने पर कोई उत्तर नहीं मिलता और क्रिया का फल सीधे कर्ता पर पड़ता है, तो वह अकर्मक क्रिया होती है (जैसे— रोहन सोता है। प्रश्न: रोहन 'क्या' सोता है? उत्तर: कोई उत्तर नहीं → अकर्मक)।
- 'कब', 'कहाँ' या 'क्यों' से प्रश्न करने पर क्रियाविशेषण या कारण का पता चलता है, कर्म का नहीं। इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है।
52बेशक वह जरुर आएगा ।
रेखांकित शब्द का क्रियाविशेषण रुप यह है ।
- रीतिवाचक
- परिमाणवाचक
- कालवाचक
- स्थानवाचक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) रीतिवाचक
व्याख्या: वाक्य में रेखांकित शब्द "बेशक" है। हिंदी व्याकरण में जो अव्यय शब्द क्रिया के होने की रीति, ढंग, निश्चय, अनिश्चय या स्वीकार्यता का बोध कराते हैं, उन्हें रीतिवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Manner) कहते हैं। 'बेशक' और 'ज़रूर' शब्द यहाँ आने की क्रिया के होने की निश्चितता (ढंग/रीति) को प्रकट कर रहे हैं, इसलिए यह रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।
53लिखने में जब कोई शब्द छूट जाता है, तब उस स्थान पर इस विराम चिह्न को लगाते है -
- हंसपद ( ^ )
- पूर्ण विराम ( | )
- योजक ( - )
- कोष्ठक चिह्न ( )
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) हंसपद ( ^ )
व्याख्या: हिंदी व्याकरण में लिखते समय यदि कोई अक्षर या शब्द गलती से छूट जाता है, तो उस स्थान पर हंसपद चिह्न ( ^ ) (जिसे त्रुटिबोधक या विस्मरण चिह्न भी कहते हैं) लगाकर छूटे हुए शब्द को ऊपर लिख दिया जाता है।
- अन्य विकल्प: पूर्ण विराम ( | ) वाक्य की समाप्ति पर लगता है, योजक ( - ) दो शब्दों को जोड़ने (जैसे सुख-दुख) के लिए प्रयुक्त होता है, और कोष्ठक ( ) किसी शब्द का अर्थ स्पष्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
54‘रानी’ शब्द का तत्सम रुप यह है ।
- रात्री
- श्रेष्ठ
- राज्ञी
- शिक्षा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) राज्ञी
व्याख्या: हिंदी व्याकरण में तत्सम उन शब्दों को कहते हैं जो संस्कृत भाषा से बिना किसी बदलाव के सीधे हिंदी में उपयोग किए जाते हैं, और तद्भव वे शब्द हैं जो संस्कृत से बदलकर हिंदी में आए हैं।
- 'रानी' एक तद्भव शब्द है, जिसका मूल और शुद्ध संस्कृत तत्सम रूप 'राज्ञी' होता है।
- अन्य विकल्प: 'रात्री' (शुद्ध रूप रात्रि) 'रात' का तत्सम है, 'श्रेष्ठ' का तद्भव 'सेठ' होता है, और 'शिक्षा' का तद्भव 'सीख' होता है।
55‘मेरा देश है महान’ कविता में कवि भारत से इसका उत्थान होने का भाव प्रकट किया -
- वीरता
- मानवता
- धीरता
- स्नेह
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) मानवता
व्याख्या: यह प्रश्न कक्षा-स्तर की हिंदी पाठ्यपुस्तक की देशभक्ति कविता 'मेरा देश है महान' से लिया गया है। इस कविता में कवि ने भारत देश की गौरवशाली संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और नैतिक मूल्यों का वर्णन किया है। कवि के अनुसार, भारत की पावन भूमि ने संपूर्ण विश्व को शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया है। अतः कवि ने भारत भूमि से पूरे विश्व में 'मानवता' (Humanity) का उत्थान और कल्याण होने का गहरा भाव प्रकट किया है।
56‘मेरी बहना’ पाठ में बहना इनके संग हँसती - गाती है -
- माता
- पिता
- भाई
- सखियों
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) पिता
व्याख्या: यह प्रश्न प्राथमिक स्तर की हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठ 'मेरी बहना' से लिया गया है। इस कविता/पाठ में पारिवारिक संबंधों और पिता-पुत्री के बीच के स्नेहपूर्ण जुड़ाव को बहुत ही सरल रूप में दर्शाया गया है। पाठ के संदर्भ के अनुसार, छोटी बहना अपने 'पिता' के साथ सबसे ज्यादा सुरक्षित, आनंदित महसूस करती है और उन्हीं के संग खुशी-खुशी हँसती और गाती है।
57सतवीं कक्षा में ‘श्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान’ की रचना यह है -
- कोयल
- ज्ञान हमको दीजिए
- हम नन्हें बच्चे
- होशियार कौआ
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (1) कोयल
व्याख्या: आंध्र प्रदेश राज्य के शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT AP) द्वारा निर्धारित सातवीं कक्षा (7th Class) की हिंदी पाठ्यपुस्तक में प्रसिद्ध राष्ट्रीय चेतना की कवयित्री श्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित बाल कविता 'कोयल' संकलित है।
- इस अत्यंत लोकप्रिय और मधुर कविता में कवयित्री बच्चों को कोयल की मीठी बोली का महत्व समझाती हैं और बताती हैं कि कोयल ने अपनी मीठी आवाज़ अपनी माँ से सीखी है, जिसके कारण वह आज सभी को बहुत प्यारी लगती है।
58लकड़हारे की ईमानदारी से ये खुश हुईं -
- वृक्ष की देवी
- नदी की देवी
- वन दुर्गा देवी
- वन देवी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (2) नदी की देवी
व्याख्या: यह प्रश्न कक्षा-स्तर की हिंदी पाठ्यपुस्तक में शामिल प्रसिद्ध नैतिक कहानी 'ईमानदार लकड़हारा' से लिया गया है। कहानी के अनुसार, जब लकड़हारे की लोहे की कुल्हाड़ी नदी में गिर जाती है, तो नदी की देवी (जल की देवी) पानी से बाहर निकलती हैं। वे लकड़हारे की परीक्षा लेने के लिए पहले सोने और फिर चाँदी की कुल्हाड़ी निकालती हैं, लेकिन लकड़हारा उन्हें लेने से मना कर देता है। अंत में अपनी लोहे की कुल्हाड़ी देखकर वह खुश हो जाता है। उसकी इस अद्वितीय ईमानदारी से प्रसन्न होकर नदी की देवी उसे पुरस्कार स्वरूप तीनों कुल्हाड़ियाँ भेंट कर देती हैं।
59धरती के ऊपर आकाश में जो शून्य दिखायी देता है, उसे कहते हैं -
- कृत्रिम उपग्रह
- उपग्रह
- अंतरिक्ष
- तार विस्फोट
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) अंतरिक्ष
व्याख्या: यह प्रश्न सामान्य विज्ञान और पर्यावरण भूगोल के बुनियादी संप्रत्यय से लिया गया है। हमारी पृथ्वी (धरती) के वायुमंडल के ऊपर फैला हुआ वह अनंत, विशाल और खाली स्थान जहाँ सभी ग्रह, तारे और गैलेक्सियाँ स्थित हैं, अंतरिक्ष (Space) कहलाता है। गद्यांश या वैज्ञानिक परिभाषा के अनुसार, आकाश में दिखाई देने वाला यह असीम 'शून्य' अंतरिक्ष का ही प्रतिनिधित्व करता है। कृत्रिम उपग्रह और उपग्रह खगोलीय पिंड या मानव निर्मित मशीनें हैं जो इस शून्य में चक्कर लगाती हैं।
60‘परिश्रम का फल’ पाठ में कस्तूरी पर इनके प्रेरणादायक शब्दों ने इन पर जादू का काम किया ।
- सहेलियाँ
- पिता
- माता
- गाँव वाले
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (3) माता
व्याख्या: यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में शामिल प्रेरक कहानी 'परिश्रम का फल' से लिया गया है। कहानी के मुख्य पात्र कस्तूरी के जीवन में उसकी माता के प्रेरणादायक और सकारात्मक शब्दों ने एक संजीवनी बूटी या जादू की तरह काम किया। अपनी माता से मिले इसी प्रोत्साहन और संबल के कारण वह जीवन की कठिनाइयों से लड़ते हुए कड़ा परिश्रम करने और सफलता प्राप्त करने के मार्ग पर अग्रसर हो सकी। यह प्रसंग बालकों को माता-पिता के वचनों के महत्व और जीवन में सकारात्मक प्रोत्साहन की भूमिका को सिखाता है।
उत्तर-कुंजी (Answer Key 31–60)
| प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर | प्र. | उत्तर |
|---|---|---|---|---|---|
| 31 | (2) | 41 | (4) | 51 | (4) |
| 32 | (1) | 42 | (2) | 52 | (1) |
| 33 | (1) | 43 | (4) | 53 | (1) |
| 34 | (3) | 44 | (1) | 54 | (3) |
| 35 | (2) | 45 | (4) | 55 | (2) |
| 36 | (3) | 46 | (1) | 56 | (2) |
| 37 | (2) | 47 | (2) | 57 | (1) |
| 38 | (1) | 48 | (2) | 58 | (2) |
| 39 | (1) | 49 | (3) | 59 | (3) |
| 40 | (3) | 50 | (2) | 60 | (3) |
प्रश्न 1–30 (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) और अन्य TET अभ्यास पोस्ट के लिए इस ब्लॉग के TET वाले पोस्ट देखें।
